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IAS Babulal Agrawal attending review meeting chaired by Chief Minister

IAS Babulal Agrawal

IAS Babulal Agrawal attending review meeting chaired by Chief Minister

IAS Babulal Agrawal

अगले सत्र से मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन फेलोशिप योजना

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने विभाग की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूर किया। इनमें मुख्यमंत्री युवा जीवन कौशल विकास योजना और महाविद्यालयीन पंचमुखी विकास योजना और शेष रह गए सभी आठ जिला मुख्यालयों के शासकीय स्नातक कॉलेजों को पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेजों में उन्नत करने की योजना शामिल है।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री युवा जीवन कौशल विकास योजना के अंतर्गत महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अंग्रेजी भाषा एवं कम्प्यूटर ज्ञान तथा सामान्य व्यवहार कौशल में दक्षता विकसित की जाएगी। प्रदेश के क्रमशः आठ जिले बीजापुर, कोण्डागांव, सुकमा, नारायणपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गरियाबंद एवं मुंगेली जिला मुख्यालयों के महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन किया जाएगा। महाविद्यालयीन पंचमुखी विकास योजना के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों में साफ-सुथरे टायलेट, शुद्ध पेयजल और कॉलेजों में वाई-फाई की सुविधा, स्वच्छ एवं सुन्दर परिसर एवं शैक्षणिक ऑडिट का कार्य कराया जाएगा। आगामी शिक्षा सत्र से मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन फेलोशिप योजना प्रारंभ की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के ऐसे छात्र-छात्राएं जो अखिल भारतीय उपलब्धि हासिल करेंगे। उन्हें एक लाख रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा, जिससे प्रदेश के बच्चे विज्ञान एवं कला आदि के क्षेत्र में तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा परीक्षाओं में शामिल होकर उपलब्धि हासिल करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने खैरागढ़ कला संगीत विश्वविद्यालय, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय, दुर्ग विश्वविद्यालय, सरगुजा विश्वविद्यालय, बस्तर विश्वविद्यालय, बिलासपुर विश्वविद्यालय को बीस-बीस करोड़ रूपए की राशि मंजूर की है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने पहली बार प्रदेश के 54 महाविद्यालयों को दो-दो करोड़ रूपए की राशि कुल 208 करोड़ की स्वीकृत की है। जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 25-25 लाख रूपए की राशि प्रत्येक महाविद्यालय को प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी कॉलेजों में सोलर प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कॉलेजों की मरम्मत एवं रंग-रोगन कराने के लिए कॉलेजों के प्राचार्यों को अधिकार दिए हैं। महाविद्यालयों के प्राचार्य दो लाख रूपए तक के कार्य करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें इन कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्तमान में संचालित हो रहे कॉलेजों की क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कमरों के निर्माण के साथ ही लैब निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पंडित सुन्दरलाल शर्मा विश्वविद्यालय के परीक्षा केन्द्रों और स्टडी केन्द्रों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए, ताकि इन केन्द्रों पर बेहतर निगरानी हो सके। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में ऑडिटोरियम एवं लैब का निर्माण राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) की बीस करोड़ की राशि में से करने के निर्देश दिए। शिवनाथ महाविद्यालय में आर्ट्स और कॉमर्स फेकल्टी के प्रस्ताव भी शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों में बाउंड्रीवाल नहीं है, उनकी सूची वन विभाग को सौंपी जाए। इन महाविद्यालय के परिसर के चारों ओर कैम्पा मद से बारबेड फैंसिंग तथा वहां वृक्षारोपण कराया जाए।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, ऊर्जा एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. बी.एल. अग्रवाल, वित्त विभाग के सचिव श्री अमित अग्रवाल, खनिज तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, आयुक्त आदिम जाति विकास एवं संचालक जनसम्पर्क श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव श्री भुवनेश यादव और मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रजत कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।