Monthly Archive: April 2018

IAS BL Agrawal Mandatory Retirement Canceled

Senior IAS Officer BL Agrawal

रायपुर- छत्तीसगढ़ के चर्चित Senior Officer IAS BL Agrawal को अनिवार्य़ सेवानिवृत्ति दिए जाने के आदेश को कैट ने पलट दिया है. सरकार की कार्रवाई के विरोध में बाबूलाल अग्रवाल ने कैट में अपील की थी, जिसकी सुनवाई के बाद फैसला उनके पक्ष में आया. कैट ने अपने आदेश में कहा है कि बाबूलाल अग्रवाल के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द करने के साथ-साथ उनकी वरिष्ठता बरकरार रहेगी.

कैट से फैसला आने के बाद आईएएस बाबूलाल अग्रवाल ने लल्लूराम डाॅट काम से हुई बातचीत में कहा कि-

मैंने कभी कोई गलत काम नहीं किया था. मेरा पक्ष लिए बगैर मेरे खिलाफ सरकार ने फैसला सुना दिया. फैसले को मैंने कैट में चुनौती दी थी. कैट ने तमाम पहलूओं पर विचार करते हुए मेरे पक्ष में फैसला दिया है. कठिन वक्त पर साथ देने वाला का मैं शुक्रिया अदा करता हूं.

पिछले साल अगस्त में राज्य सरकार की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार ने बाबूलाल अग्रवाल को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी. केंद्र सरकार की डीओपीटी ने उनके सेवाकाल को संतोषजनक नहीं पाया था. 1988 बैच के आईएएस बाबूलाल अग्रवाल का नाम उस वक्त चर्चा में आया था जब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई हुई थी. बाबूलाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने रायपुर के खरोरा के 220 गांव वालों के नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवा कर उसमें भारी निवेश किया है. हालांकि बाद में सरकार ने बाबूलाल अग्रवाल को निर्दोष मानते हुए ना केवल उनकी सेवा बहाली की थी, बल्कि उन्हें पदोन्नत भी किया.

बता दें कि आयकर चोरी के मामले में ही चल रही सीबीआई जांच के दौरान बाबूलाल अग्रवाल पर मामले को दबाने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगा और इस आरोप के बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद बाबूलाल अग्रवाल तिहाड़ जेल में भी रहे. प्रवर्तन निदेशालय ने बाबूलाल अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 2006 से 2009 के बीच उन्होंने भ्रष्टाचार के जरिए 36 करोड़ रूपए की संपत्ति बनाई. प्रवर्तन निदेशालय ने भी 2010 में बाबूलाल अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

बाबूलाल अग्रवाल के पहले आईपीएस के सी अग्रवाल ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले के विरोध में कैट में अपील की थी. सुनवाई के बाद कैट ने के सी अग्रवाल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार का आदेश पलटा था.

IAS Officer Babulal Agrawal CAT Reappointed

रायपुर 5 अप्रैल 2018। 1988 बैच केIAS-Babulal-Agrawal को सबसे बड़ी राहत मिली है। दिल्ली स्थित CAT की दो सदस्यीय बैंच ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को करारा झटका देते हुए बी एल अग्रवाल की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द कर दिया है।
अब से कुछ देर पहले सार्वजनिक किए गए फ़ैसले में कैट ने आदेश दिया है कि, बी एल अंग्रवाल की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द करती है और बी एस अग्रवाल को पुरानी वरिष्ठता समेत सारी व्यवस्था बहाल की जाती है।
बी एल अग्रवाल ने NPG से कहा-

“ मैं पहले भी कहता रहा मैं अब भी कह रहा हूँ मैंने सार्वजनिक जीवन में ना ग़लत किया ना अहित किया। न्यायालय का फ़ैसला सत्यमेव जयते की मूल अवधारणा पर मेरे विश्वास को मज़बूती देता है, मेरे शुभचिंतकों का साथ रखने भरोसा करने के लिए धन्यवाद, और जो अज्ञात कारणों से मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचते है उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना कि उन्हें सद्बुद्धि मिले ”

इससे पहले आईपीएस केसी अग्रवाल को भी कैट से बड़ी राहत मिली थी। केंद्र और राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए केसी अग्रवाल की भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को खारिज कर दिया गया था। पिछले साल 9 अगस्त को भारत सरकार के निर्देश पर दो आईएएस अफसर 1986 बैच के अजय पाल सिंह और 1988 बैच के बीएल अग्रवाल को फोर्सली रिटायरमेंट दी गयी थी। वहीं तीन आईपीएस अफसरों पर जबरिया रिटायरमेंट की कार्रवाई की गयी थी। तीन अफसरों में राजकुमार देवांगन के अलावे केसी अग्रवाल और एएम जूरी शामिल थे, जिसमें केसी अग्रवाल को फिर से बहाल करने का निर्देश राज्य सरकार को कैट ने दिया था।